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सावरकर की विचारधारा मानने वालों से राहुल को जान का खतरा : कोर्ट ने लिया संज्ञान

Wednesday ,August 13,2025

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पुणे कोर्ट में सावरकर टिप्पणी मामले में अपनी जान को खतरा होने का दावा किया। कोर्ट ने इस याचिका को संज्ञान में लिया है और मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की है।कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पुणे की एक विशेष अदालत में अर्जी दाखिल करते हुए दावा किया कि उन्हें सावरकर की विचारधारा को मानने वालों से गंभीर खतरा है। बता दें कि राहुल गांधी के खिलाफ पुणे की अदालत में सावरकर से जुड़े मानहानि मामले की सुनवाई चल रही है। सावरकर के भतीजे अशोक सावरकर के बेटे व आवेदक सात्यकी सावरकर ने मार्च 2023 में लंदन में दिए गए राहुल गांधी के भाषण का हवाला देते हुए पुणे की अदालत में उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।भाजपा नेताओं से मिली धमकियों का जिक्रराहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता मिलिंद पवार ने अदालत में दायर एक आवेदन में कहा कि भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को “आतंकवादी” कहा है, जबकि भाजपा नेता तरविंदर मारवाह ने खुले तौर पर धमकी दी थी कि “अगर वे ठीक से बरताव नहीं करेंगे तो उनका अंजाम उनकी दादी जैसा होगा।” इसके अलावा, अपने आवेदन में राहुल गांधी ने फिर से दोहराया कि इस केस का शिकायतकर्ता नाथूराम गोडसे की सीधा वंशज है जिससे खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।पवार ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर का संबंध सावरकर और गोडसे परिवार से है, जिसका दुरुपयोग हो सकता है। आवेदन में कहा गया, “शिकायतकर्ता की वंशावली से जुड़े हिंसक और असंवैधानिक प्रवृत्तियों के इतिहास, तथा मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए, यह स्पष्ट और गंभीर आशंका है कि राहुल गांधी को हानि पहुंचाई जा सकती है, गलत तरीके से फंसाया जा सकता है या उन्हें उन लोगों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है जो विनायक सावरकर की विचारधारा में विश्वास रखते हैं।"महात्मा गांधी के हत्यारों के सहयोगियों के वंशज"राहुल गांधी ने अदालत से आग्रह किया कि वह इस मामले में मौजूद राजनीतिक दबावों, प्रभावों और असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखे। आवेदन में यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता स्वयं महात्मा गांधी के हत्यारों के सहयोगियों के वंशज होने का दावा कर चुके हैं। राहुल गांधी की ओर से दायर आवेदन में आरोप लगाया गया कि हिंदुत्व की विचारधारा के अनुयायियों ने अतीत में जाति और धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाया, चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर की और कई बार असंवैधानिक तरीकों से राजनीतिक सत्ता हासिल की।राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनके हालिया 'वोट चोरी' के आरोपों ने राजनीतिक विरोधियों को भड़का दिया है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि उनकी सुरक्षा के लिए इन खतरों को गंभीरता से लिया जाए, क्योंकि उनकी जान को खतरा वास्तविक और गंभीर है।आवेदन में कहा गया, “लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर गांधी इन नीतियों के खिलाफ खड़े हैं और गरीबों व हाशिये पर खड़े लोगों की आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में यह संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि जातिवादी उग्रवादी, राजनीतिक रूप से प्रेरित उद्योगपति, हिंदुत्व समर्थक और संवैधानिक शासन को कमजोर करने की इच्छाशक्ति रखने वाले लोग उनके प्रति शत्रुता रख सकते हैं।